दो गप्पी अपने दादा जी की भूलने कीआदत के बारे में ऊंची-ऊंची फेंके जा रहे थे।..पहला : मेरे दादा जी तो इतने भुलक्कड़ थेकि लाठी बिस्तर पर रखते थे और खुद कोनेमें सो जाते थे।..दूसरा : बस, मेरे दादा जी तो इतने भुल्लकड़थे कि पान बिस्तर पर थूक देते और खुदखिड़की से कूद जाते।
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